नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जालौन जिले की उरई की स्पेशल पॉक्सो एक्ट अदालत ने एक युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने यह फैसला गवाहों के बयान, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सुनाया।
शासकीय अधिवक्ता रणकेंद्र भदौरिया और विश्वजीत सिंह गुर्जर ने बताया कि मामला रेढ़र थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 19 अक्टूबर 2023 को जालौन कोतवाली क्षेत्र के औरेखी गांव निवासी राहुल उसकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर ले गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
कुछ दिनों बाद पुलिस ने आरोपी राहुल को किशोरी के साथ बरामद कर लिया। किशोरी के कलमबंद बयान अदालत में दर्ज कराए गए, जिसमें उसने दुष्कर्म की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धारा जोड़ते हुए आरोपी को जेल भेज दिया और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
अदालत में चले ट्रायल के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क रखे। गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, मोहम्मद कमर ने आरोपी राहुल को दोषी पाया और उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
सजा के साथ अदालत ने 65 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। आदेश में कहा गया कि जुर्माने की राशि में से एक हिस्सा पीड़िता के पुनर्वास और सहायता के लिए दिया जाएगा।



