जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कुरहना आलमगीर में वर्ष 2020 में दलित के साथ की गई मारपीट के मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 2-2 वर्ष का कारावास और 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी है।
कालपी कोतवाली के कुरहना आलमगीर के रहने वाले देवेन्द्र कुमार पुत्र रघुराज सिंह ने 24 अक्टूबर 2020 को कोतवाली कालपी में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि शिवराम सिंह पुत्र फूल सिंह और अदराज सिंह पुत्र फूल सिंह, निवासीगण कुरहना आलमगीर ने उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर मु0अ0सं0 368/2020 (वाद संख्या 55/21) में आईपीसी की धारा 323, 324, 504, 506 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1) द, ध के तहत कार्रवाई शुरू की।
विवेचक ने प्रभावी साक्ष्य जुटाते हुए और गवाहों के बयान दर्ज कर 12 दिसंबर 2020 को आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। इसके बाद मामले की सुनवाई एससी-एसटी कोर्ट, उरई में चली।
पुलिस टीम, अभियोजन पक्ष और कोर्ट पैरोकार के अथक प्रयासों और प्रभावी पैरवी के बाद 12 अगस्त 2025 को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने अभियुक्त शिवराम सिंह और अदराज सिंह को दोषी पाते हुए 2-2 वर्ष का कारावास और 5-5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस फैसले को न्याय की जीत बताया है और कहा कि इससे ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।



